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दुनिया के सात अजूबे | seven Wonders of World.

दुनिया के सात अजूबे निम्नलिखित हैं।
1. ताजमहल
2. चीन की विशाल दीवार
3. माचू पिच्चू
4. पेट्रा
5. चीचेन इट्ज़ा
6. क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा
7. कोलोसियम

ताजमहल

ताजमहल भारत के आगरा शहर में है, यह दुनिया भर में अपनी सुंदरता के लिए जाना जाता है। ताजमहल मुग़ल शासक द्वारा बनवाया गया है। ताजमहल का निर्माण सन् 1632 – 1653 में पूरा हुआ था। इसकी ऊंचाई 73 मीटर है। ताजमहल बनवाने के लिए उस वक्त दुनिया भर में कई जगह से सफ़ेद संगमरमर पत्थर को मंगवाया गया था। ताजमहल को सन् 1963 में युनेस्को विश्व धरोहर की सूचि में शामिल किया गया था। और इसे भारत की इस्लामी कला का रत्न भी माना जाता है। उस्ताद अहमद लाहौरी द्वारा बनाया गया था। ताजमहल को मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज की याद में बनाया था। शाहजहां ने मुमताज के प्यार की निशानी के लिए बनाया था। यह पूरी दुनिया में एक ही है। ताजमहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि या चारों ओर से एक जैसा दिखाई देता है।

चीन की विशाल दीवार

चीन की विशाल दीवार दुनिया के सात अजूबो में से एक है। चीन की दिवार बनाने का काम पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व से लेकर सोलहवी शताब्दी तक पूरा हुआ था। चीन की दिवार को युनेस्को द्वारा 1949 से विश्व धरोहर के रूप में घोषित किया गया था। चीन की इस दिवार की कुल लम्बाई 6400 किलोमीटर, ऊंचाई लगभग 35 फिट और चौड़ाई एक बड़े हाइवे की बराबर है। इस दीवार की सबसे बड़ी खासियत है, की यह दिवार अंतरिक्ष से भी बिलकुल साफ़ नजर आती है। इस दिवार को बनाने का उद्देश्य उत्तरी हमलावरों से बचने के लिए था। जिसे कई अलग अलग राज्यों के शासको द्वारा बनाया गया था।

माचू पिच्चू

माचू पिच्चू दक्षिण अमेरिका के कुज़्को क्षेत्र, पेरू में स्तिथ है। यह दुनिया के सात अजूबों में से एक है। माचू पिच्चू को 7 जुलाई 2007 को विश्व के नए सात अजूबो में भी शामिल किया गया था। यह एक ऐतिहासिक स्थल है, माचू पिच्चु ऊंचाई 2430 मीटर है। परन्तु माचू पिच्चू कुज़्को क्षेत्र से लगभग 80 किलोमीटर दूर है। माचू पिच्चु ऐतिहासिक स्थल को “इंकाओं का खोया शहर “ के नाम से भी जाना जाता है। माचू पिच्चू को 1430 ई. के आस पास इंकाओं ने इसका निर्माण अपने शासकों के आधिकारिक स्थल के रूप में किया था। लेकिन 100 साल बाद इस स्पेन के लोगो ने इंकाओं पर जीत हासिल कर ली थी। जिसके बाद माचू पिच्चू को ऐसे ही छोड़ दिया गया था। इस स्थल के बारे में सभी लोग जानते थे, परंतु माचू पिच्चु को विश्व स्थल के रूप में दर्जा दिलाने का कार्य हीरम बिंघम ने किया था। 1983 में महक पिच्चू को विश्व धरोहर स्थल के रूप में घोषित किया गया।

पेट्रा

पेट्रा दुनिया के सात अजूबों में से एक है। पेट्रा जॉर्डन के मान म’आन प्रान्त में स्थित है। पेट्रा एक ऐतिहासिक नगरी है, जो की अपनी पत्थर से तराशी गयी इमारतों के लिए पूरी दुनिया में जानी जाती है।ऐसा माना जाता है, की पेट्रा का निर्माण 1200 ईसा पूर्व हुआ था। यह नबातियों ने अपनी राजधानी के लिए स्थापित की थी। पेट्रा एक “होर” के पर्वत की ढलान पर बनी हुई है। इसके चारो और ऊँचे ऊँचे पहाड़ है। यह पहाड़ी इलाका मृत सागर की “वादी अरबा” घाटी की पूरबी सीमा है। पेट्रा यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूचि में शामिल है।

चीचेन इट्ज़ा

Chichén Itzá एक स्पेनी शब्द है, यह मैक्सिको में स्तिथ एक प्राचीन मयान मंदिर है। जिसका मतलब “इट्ज़ा के कुएं के मुहाने पर” होता है। चिचेन इत्ज़ा मेक्सिको की सबसे प्राचीन स्थलों में से एक है। चीचेन इट्ज़ा का निर्माण 600 ईसा पूर्व में किया गया था। यहाँ का माया मंदिर लगभग 5 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी ऊंचाई 79 फिट है, इसका आकर पिरामिड की तरह है। इस मंदिर में ऊपर जाने के लिए चारो और सीढ़ियां बनी हुई है। चीचेन इट्ज़ा में कुल 365 सीढ़िया है। इस तरह से इसके चारो कोनो में 91 सीढ़ियां है। कुछ लोगो का ऐसा भी माना है, की प्रत्येक सीढ़ी एक दिन का प्रतिक है। इसके अलावा चीचेन इट्ज़ा माया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र है, और क्षेत्रफल में भी अन्य शहरों से बड़ा है।

क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा

क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में स्तिथ है। जिसे दुनिया सात अजूबों में शामिल किया गया है। यह दुनिया की सिर्फ एक ही येशु मसीह की इतनी बड़ी मूर्ति है, जिसकी ऊंचाई लगभग 130 फिट और चौड़ाई 30 मीटर है। क्राइस्ट द रिडीमर में लगे मटेरियल की बात करें तो इस मूर्ति के अंदर कुल 635 टन वजन है। यह प्रतिमा कांक्रीट और सोपस्टोन से बनी हुई है। क्राइस्ट द रिडीमर सन् 1922 में बनाना शुरू किया गया था, और यह 12 अक्टूबर 1931 को ब्राजील के रियो डी जेनेरो शहर में स्थापित की गयी थी। क्राइस्ट द रिडीमर की प्रतिमा को बनाने वाला एक फ्रैंच का महान मूर्तिकार लेनदोव्सकी था। क्राइस्ट द रिडीमर पूरी दुनिया में ईसाई धर्म का एक बड़ा प्रतिक मानी जाती है।

कोलोसियम

कोलोज़ीयम इटली देश के रोम में स्तिथ एक विशाल स्टेडियम या खेल का मैदान है। इसका निर्माण 70 से 72 ईसा पूर्व में शुरू हुआ था, और 80 ईसा पूर्व तक सम्राट टाइटस ने इसे पूरी तरह से बनाकर तैयार कर दिया था। यह स्टेडियम इतना विशाल था, की एक साथ इसमें लगभग 50000 लोग बैठ सकते थे। इस स्टेडियम का आकर अंडाकार था। कोलोसियम मात्र लोगो के मनोरंजन के लिए बनाया गया था। इसके अंदर खुनी लड़ाईया कराई जाती है। जिसमे योद्धाओं को कभी कभी जानवरो से भी लड़ना पड़ता था। इस स्टेडियम में इन खुनी खेलों के दौरान लगभग 5 लाख पशु और 10 मनुष्य मारे गए है। इसके अलावा इस स्टेडियम में कुछ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी कराये जाते थे। लेकिन पूर्व मध्यकाल में कोलोज़ीयम स्टेडियम को सार्वजानिक उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया। इस स्टेडियम का कुछ हिस्सा भूकंप और प्राकृतिक आपदाओं की वजह से नष्ट हो गया है। यहाँ प्रत्येक वर्ष हजारो की संख्या में पर्यटक आते है।

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
pragyaab.com

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