An effort to spread Information about acadamics

Blog / Content Details

विषयवस्तु विवरण



प्रकाश का परावर्तन एवं उसके नियम | Reflection of light and its laws

प्रकाश (Light)

प्रकाश ऊर्जा का वह रूप है, जिसकी सहायता से हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं। जब प्रकाश किसी वस्तु पर आपतित होता है, तो वह परावर्तित होकर हमारी आँखों तक पहुँचता है, जिसके फलस्वरूप हमें वस्तुएँ दिखाई देती हैं। प्रकाश की चाल निर्वात में 3 x 10 8 मीटर/सेकण्ड है। आपतित किरण वह प्रकाश किरण, जो समतल पृष्ठ पर आकर टकराती है, आपतित किरण कहलाती है। परावर्तित किरण वह प्रकाश किरण, जो समतल पृष्ठ से टकराकर उसी माध्यम में लौट जाती है, परावर्तित किरण कहलाती है। आपतन बिन्दु आपतित किरण परावर्तक पृष्ठ के जिस बिन्दु पर आकर टकराती है, वह बिन्दु आपतन बिन्दु कहलाता है। अभिलम्ब आपतन बिन्दु से पृष्ठ के लम्बवत् खींची गई रेखा अभिलम्ब कहलाती है। आपतन कोण आपतित किरण तथा अभिलम्ब के मध्य बना कोण आपतन कोण कहलाता है। इसे i से प्रदर्शित करते हैं। परावर्तन कोण परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के मध्य बना कोण परावर्तन कोण कहलाता है। इसे से प्रदर्शित करते हैं।

प्रतिबिम्ब (Image)

वस्तु के किसी बिन्दु से चलने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन या अपवर्तन के बाद जिस बिन्दु पर मिलती हैं या मिलती हुई प्रतीत होती हैं उस बिन्दु को प्रथम बिन्दु का प्रतिबिम्ब कहते हैं।
प्रतिबिम्ब निम्नलिखित दो प्रकार के होते हैं।
1. वास्तविक प्रतिबिम्ब (Real Image)
2. आभासी प्रतिबिम्ब (Virtual Image)

वास्तविक प्रतिबिम्ब (Real Image)

जब किसी बिन्दु वस्तु से चलने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद किसी दूसरे बिन्दु पर वास्तव में मिलती हैं, तो इस दूसरे बिन्दु पर बने प्रतिबिम्ब को उस बिन्दु वस्तु का वास्तविक प्रतिबिम्ब कहते हैं। इस प्रकार के प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त किया जा सकता है।

आभासी प्रतिबिम्ब (Virtual Image)

जब किसी बिन्दु वस्तु से चलने वाली प्रकाश किरणें परावर्तन के बाद किसी दूसरे बिन्दु पर वास्तव में नहीं मिलती हैं, परन्तु दूसरे बिन्दु से आती हुई प्रतीत होती हैं, तो इस बिन्दु पर बने प्रतिबिम्ब को उस बिन्दु वस्तु का आभासी प्रतिबिम्ब कहते हैं। इस प्रकार के प्रतिबिम्ब को पर्दे पर प्राप्त नहीं किया जा सकता लेकिन इसका फोटो लिया जा सकता है।

प्रकाश का परावर्तन (Reflection of Light)

प्रकाश के किसी चिकनी व पॉलिशदार सतह से टकराकर वापस उसी माध्यम में लौटने की घटना, प्रकाश का परावर्तन कहलाता है।

परावर्तन के नियम (Laws of Reflection)

समतल दर्पण से परावर्तन के निम्नलिखित दो नियम होते हैं।
(i) आपतित किरण, परावर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर डाला गया लम्ब तीनों एक ही पृष्ठ में होते हैं (समतलीय होते हैं)।
(ii) आपतन कोण (i), सदैव परावर्तन कोण (r) के बराबर होता है, अर्थात् ⟨ i = ⟨ r

I hope the above information will be useful and important.
(आशा है, उपरोक्त जानकारी उपयोगी एवं महत्वपूर्ण होगी।)
Thank you.
R F Temre
pragyaab.com

  • Share on :

Comments

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may also like

Follow us

subscribe